Wednesday, June 19, 2013

कच्चे आम

बहुत निराश हुआ इस बार आम खा कर। ऊपर से बिलकुल पीले ताज़े से दिखने वाले ये आम, अन्दर से कच्चे और खट्टे निकलते हैं। दवाईयों से पकाए ये आम। आम जिसका मैं इतने दिनों से इंतज़ार कर रहा था, जब मिला निराश ही किया।
अब आम खरीद कर रख देता हूँ। तीन चार दिन बाद वे पक जाते हैं और मीठे हो जाते हैं।

कभी सोचा है, पेड़ से अलग होने के बाद भी फल में खट्टे को मीठा बनाने वाला कौन है?

केमिकल!! (Chemicals - Don't ask me what)

केमिकल जो उस फल में ही हैं। जो कुछ समय बाद रूपांतरित होने लगते हैं।
ताज्जुब है हमने उस निर्जीव लेकिन रूप बदलते केमिकल पर तो ध्यान ही नहीं दिया, जो हमारे लिए फल की मिठास बन जाते हैं।

1 comment:

  1. Bahut achche.. Like the way you portrayed it.. But I bought some real sweet mangoes from factory outlet. ;)

    ReplyDelete