मैं जब भी पास Hyper market जाता हूँ ,टॉयज सेक्शन ज़रूर जाता हूँ। हर बार कुछ न कुछ नया। नए रंग, नए डिज़ाइन, नए वर्किंग मैकेनिज्म। ख़ुशी भर देने वाले ये खिलौने, बहुत पसंद है मुझे। एक एक करके जितने भी खिलौने मैंने खरीदे, मुझे कम ही लगते हैं।
Hyper market के इस सेक्शन में बच्चे भी घुमते मिल जाते हैं। वहां एक खेल खेलने में बड़ा मज़ा आता है। वहां घुमते हुए किसी बच्चे को मैं हंस कर मुँह बना कर उसका ध्यान आकर्षित करता हूँ और कोई एक खिलौना उसे थमा देता हूँ। उसे खिलौने का उसे एक डेमो देकर उसका कौतुहल बढ़ा देता हूँ।
अब जब बच्चे के डैड या मोम आते हैं, बच्चा खिलौने की ज़िद करने लगता है। और कई मैंने बच्चों को इस ज़िद में कामयाब भी हो जाते हैं।
और उन्हें खिलौने पाकर खुश देख, मैं भी बहुत हो जाता हूँ।
बच्चों की भोली प्यारी मुस्कान ईश्वर का एहसास करवाती है। कितना दैवीय एहसास होता है ये।
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